रूह का रूह से मिलन शायरी

रूह का रूह से मिलन शायरी

जो तेरे गुलाबी लब मेरे लबों को छू जा रहे हैं, 
मेरी रूह का मिलन तेरी रूह से हो,
ज़मीन की साज़िशों से बेपरवाह हो जायें, 
मेरे ख्वाब कुछ देर तेरी बाहों में सो जायें,
हटा कर फ़ासले हम प्यार में खो जा रहे हैं, 
एक कुछ पल के लिए एक-दूजे के हो जायें।

प्यार में हद से गुजर जाने की रोमांटिक लव शायरी

जब यार मेरा हो मेरे पास, मैं क्यूँ न हद से गुजर जाऊँ, 
जिस्म बना लूँ उसे मैं अपना, या रूह मैं उसकी बन जाऊँ। 
लबों से छू लूँ जिस्म तेरा, साँसों में साँस जगा जाऊँ, 
तू कहे अगर इक बार मुझे, मैं खुद ही तुझमें न्यूनतम जाऊँ।

पति के लिए प्यार भरी रोमांटिक शायरी

तेरा नाम को अपना हैन्ता पे सजया है 
मेरा तेरी रूह को अपना दिल में बसाया है मैने, 
दुनीया तूं ढोंडते हो जायेगी पगले 
दिल के ये तो छिन गया है मेने .. !!

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